क्या मस्त कोमल चूचियाँ थी उसकी।
जैसा कि आप जानते हैं कि सेक्स की भूख कभी कम नहीं होती। यही हाल मेरा था। मोना , उसकी दीदी और भाभी को चोदने के बाद में नए साथी की तलाश कर रहा था। कहते हैं ना कि जहाँ चाह होती है रास्ते अपने आप निकल आते हैं। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मैं अब आपके सामने अपना नया अनुभव रख रहा हूँ , कैसा लगा , मेल जरूर करियेगा। बात उन दिनों की है जब मैं कोलज में था। मैंने कुछ सब्जेक्ट्स की कोचिंग लेनी थी सो मैंने एक कोचिंग सेंटर में प्रवेश ले लिया और पढ़ने लगा। वहाँ काफी लड़के और लड़कियाँ पढ़ने आते थे और मेरी आदत थी लोगों से दोस्ती करने की , तो जल्द ही सभी लोगों से मेरी दोस्ती हो गई। मैं ठहरा सेक्स का भूखा , तो जाहिर है मेरी रुचि लड़कियों में ही ज्यादा थी। धीरे - धीरे मेरी दोस्ती लड़िकयों से बढ़ गई। उनमें से एक लड़की थी जो मेरे ज्यादा नजदीक आने लगी थी। मैं उसके घर भी जाने लगा था , उसके घर वाले मुझको अच्छी तरह से जानते थे। मेरा उसके घर आना जाना ...